रोहतास में स्कूली बच्चों को बनाया जा रहा मजदूर!

रोहतास में स्कूली बच्चों को बनाया जा रहा मजदूर
रोहतास में स्कूली बच्चों को बनाया जा रहा मजदूर

रोहतास में स्कूली बच्चों को बनाया जा रहा मजदूर! हाथों में कलम की जगह धराई जा रही कुदाल और ढुलवाई जा रही मिट्टी । नन्हे स्कूली बच्चों से काम करने का वीडियो वायरल ।

प्राथमिक शिक्षा के लिए सरकार हर साल करोड़ों रुपए खर्च करती है ताकि सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी पढ़-लिख कर बेहतर भविष्य बना सकें. लेकिन, कुछ शिक्षक ही सरकार की इस सोच पर कुठाराघात करने पर उतारू हैं. रोहतास से ऐसा मामला आया है जिसमें मजदूरों के पैसे बचाने के लिए स्कूली बच्चों से ही मजदूरी करवाई जा रही है.

बिहार के रोहतास जिला के काराकाट प्रखंड अंतर्गत इटवा राजकीय मध्य विद्यालय से एक मामला सामने आया है. जानकारी के मुताबिक, मासूम बच्चे कलम कॉपी लेकर विद्यालय पढ़ने के लिए गए थे, किंतु वहां के प्रभारी प्रधानाध्यापक गीता सिंह उनसे बाल मजदूरी करवा रही हैं. यहां मासूम बच्चों से प्रभारी प्रधानाध्यापक के द्वारा कुदाल, फौड़ा, खुर्पी आदि पकड़ा कर बालू, मिट्टी, ढुलाई कर पेशेवर मजदूरों की तरह मजदूरी करवाई जा रही हैं.

वीडियो में साफ देखा जा रहा है कि विद्यालय में पढ़ाई करने आए छोटे छोटे स्कूली बच्चों से स्कूल के ग्राउंड में गाढ़ा भरने का कार्य कराया जा रहा है. जहां काम के लिए मजदूरों को ना बुलाकर यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं से मजदूरी कराई जा रही है. बताया जा रहा है कि मजदूरी नहीं देनी पड़े इसके लिए विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक गीता सिंह द्वारा इन नन्हे मासूम बच्चों को पढ़ाई कराने के बजाय ईंट-बालू व मिट्टी ढोने के काम पर लगा दिया जाता है. अब देखना यह है की इस मामले में अधिकारियों द्वारा करवाई क्या कुछ होती है।

रोहतास में स्कूली बच्चों को बनाया जा रहा मजदूर
रोहतास में स्कूली बच्चों को बनाया जा रहा मजदूर

 

School children are being made laborers in Rohtas! The hoe is being held instead of the pen in the hands and the soil is being carried. Viral video of working with small school children.

The government spends crores of rupees every year for primary education so that the children of remote rural areas can also make a better future by studying and writing. But, only some teachers are determined to attack this thinking of the government. Such a case has come from Rohtas in which to save the laborers’ money only school children are being made to work.

A case has come to light from Itwa Government Middle School under Karakat block of Rohtas district of Bihar. According to the information, the innocent children had gone to school to study with a pen copy, but the in-charge headmaster Geeta Singh is getting them to do child labour. Here innocent children are being made to work like professional laborers by carrying sand, mud and sand by the in-charge headmaster by holding spade, shovel, khurpi etc.

It is clearly seen in the video that small school children who have come to study in the school are being made to fill the ground in the school ground. Where instead of calling laborers for work, wages are being made from the students studying here. It is being told that instead of providing education to these young innocent children, Geeta Singh, the in-charge headmistress of the school, does not have to pay wages, they are put on the work of carrying bricks and sand. Now it remains to be seen what action is taken by the authorities in this matter.

Satya Tv Bihar

Leave a Comment