BSEB after board exam 2024 compartmental students notice. Best Updates

 

BSEB: मैट्रिक व इंटर वार्षिक परीक्षा 2024 में शामिल होने से वंचित स्टूडेंट्स को विशेष परीक्षा में शामिल होने का मौका बिहार विद्यालय परीक्षा समिति देगी. इन सभी स्टूडेंट्स के लिए विशेष परीक्षा का आयोजन अप्रैल में किया जायेगा. परीक्षा में शामिल होने के लिए समिति ने इंटर व मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2024 का रिजल्ट जारी करने के एक हफ्ते बाद ही कंपार्टमेंटल-सह-विशेष परीक्षा की प्रक्रिया शुरू कर देगा. समिति ने कहा कि मैट्रिक व इंटर वार्षिक परीक्षा 2024 में शामिल होने से वंचित वैसे रजिस्टर्ड स्टूडेंट्स जो स्कूलों और कॉलेजों द्वारा आयोजित सेंटअप परीक्षा में उत्तीर्ण हैं, लेकिन शिक्षण संस्थान के प्रधान की लापरवाही के कारण उनका ऑनलाइन आवेदन पत्र नहीं भरा जा सका, जिसके कारण वे परीक्षा में शामिल होने से वंचित रह गये हैं. वैसे स्टूडेंट्स को छात्रहित में अपवाद स्वरूप विशेष अवसर दिया जायेगा. इसी कारण मैट्रिक व इंटर विशेष परीक्षा 2024 को आयोजित करने का निर्णय लिया गया है.

समिति के परीक्षा नियंत्रक ने कहा है कि विशेष परीक्षा का आयोजन अप्रैल 2024 तक तथा उनका परीक्षाफल मई में अथवा अधिकतम जून तक प्रकाशित करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि ऐसे स्टूडेंट्स उच्चतर शिक्षा ग्रहण करने के लिए उसी सत्र में अपना एडमिशन करा सकें, जिससे उनके शैक्षणिक सत्र का नुकसान नहीं हो सके. ऐसे स्टूडेंट्स को मैट्रिक व इंटर वार्षिक परीक्षा 2024 के अनुरूप परीक्षाफल श्रेणी के साथ प्रकाशित किया जायेगा.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा ?

Ans.: बिहार में प्राथमिक शिक्षा सरकार द्वारा चलाए जाने वाले सरकारी स्कूलों और निजी स्कूलों के माध्यम से प्रदान की जाती है। राज्य सरकार ने प्राथमिक शिक्षा के पहुंच को बढ़ाने के लिए विभिन्न पहल की हैं, जैसे “सर्व शिक्षा अभियान” (सभी के लिए शिक्षा) कार्यक्रम। इस कार्यक्रम का उद्देश्य 6 से 14 वर्ष की सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करना है।

द्वितीयक स्तर पर, बिहार में सरकारी और निजी स्कूल दोनों होते हैं। पाठ्यक्रम आमतौर पर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) या बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड (BSEB) के पाठ्यक्रम का पालन किया जाता है। राज्य सरकार ने बेहतर बुनियादी संरचना, अधिक योग्य शिक्षकों की भर्ती और नवाचारी शिक्षण पद्धतियों का प्रवर्तन करके शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के उपाय अपनाए हैं।

बिहार में उच्च शिक्षा विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और पेशेवर संस्थानों के माध्यम से प्रदान की जाती है। पटना विश्वविद्यालय, बिहार कृषि विश्वविद्यालय और नालंदा विश्वविद्यालय जैसे कई विश्वविद्यालयों का बिहार में स्थान है। इन संस्थानों में विभिन्न क्षेत्रों में कई पाठ्यक्रम प्रदान किए जाते हैं।

इन सभी प्रयासों के बावजूद, बिहार की शिक्षा प्रणाली को उच्च स्तर पर उठाने की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जैसे ऊंचे छोड़ दर, अपर्याप्त बुनियादी संरचना और कुशल शिक्षकों की कमी। राज्य सरकार इन मुद्दों का सामना करने और शिक्षा को प्राथमिकता के रूप में प्रचार करने के लिए काम कर रही है।

यहां प्रदान की गई जानकारी सितंबर 2021 तक की उपलब्ध ज्ञान पर आधारित है। संभवतः इसके बाद से बिहार की शिक्षा प्रणाली में और विकास हुआ हो सकता है।

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